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बेशर्म नेताओं की बेशर्म जुबान पर विचार भेजें
बहस में भाग लीजिए
24-12-08 (01:21 PM)
Mahavir Saran Jain
जिन नेताओ ने हमारी एकजुटता को तोडना चाहा है तथा शहीदो की शहादत का अपमान किया है उनके विरुद्ध भारत की जनता को एकजुट हो जाना चाहिए. ऐसे नेता हर दल मे है. कुछ की नीति ही है कि वोट बैंक मजबूत करने के लिए समाज मे जहर घोल दो. लोकतंत्र मे इनकी मानसिकता राजा महाराजाओ की सी है. नेता का रथ पर सवार होकर जनता के बीच जाना, सोने का मुकुट पहनना , तराजू मे तुलना इसी मानसिकता को दिखाता है.
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19-12-08 (05:45 PM)
Devendra Singh
I read aformentioned story. I am very misery this eloquence form kerla C.M. I know very well what should I do in this situtation. I think our politicain known well that withaout NSCG Kamnodo Taj hotel & other hotel could not remove terriost hence All total politicain law & other law should be change & also revome the Kamnodos.Only he gotted a two policeman because this is repect of country.
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19-12-08 (02:26 AM)
maheshwar shastry
vvcbbbfvvvvvvvvbccvdccccccccx
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17-12-08 (07:33 PM)
pratul parashar
आपके विचारों से मैं सेहमत हूँ इस प्रकार कि हरकत बिल्कुल माफी के लयक नहीं है ....... बल्कि जरूरत है एक जूट होने की और हल्ला बोलने की............
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11-12-08 (06:45 PM)
p.c.sharma
बेशर्म नेताओं की बेशर्म जुबान पर मै बिल्कुल सहमत हूँ बल्की मै तो यहाँ तक कहना चाहता हूँ की देश के इन नेताओ के कारन हिंदुस्तान लावारिस बेसहरा तथा असुरक्शित हो चुका है सच पुछा जये तो इनकी हरकतें भी आतंकवादियों जैसी ही है! देश से कितना बडॉ मजाक है कि ये नेता अपनी प्रजा की तो हिफाजत कर नहीं सकते ओर पाखंड रचते हैं सन्युक्त रास्त्र संघ में महासक्ती का दर्जा पाने का! ये चोर हैं डकैत हैं व्यभीचारी हैं दम्बी हैं ये विस्वास के लायक बिल्कुल भी नहीं रहे! इसलीये अब देश की जनता को इन डकैतों से आजाद होना ही होगा! जब पार्लियामेंट पर आतंकी हमला हुआ तो सारे डकैत एक हो गये ओर हिंदुस्तान की हजारों जनता रोज मर रही है तो डकैत कहते हैं कि ये आतंकवादियों की हताशा है! अरे डकैतो ये हतासा आतंकवादियों की नहीं इस देश के कमजोर बुद दिल नेताओं की हतासा है! देश अँगरेजों से जरुर आजाद हो गया पर गुलाम फिर से अपने ही देश के डकैतों से हो गया! इनके खिलाफ जनता को सड़कों पर आना ही होगा! क्योंकि आतंकवादियों व हिंदुस्तानी नेताओं में रती भर का अंतर नहीं है! आतंकवादी जनता को गोली से मारते हैं तो नेता उनकी तकदीर उनके सपने लूट कर म
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